Answer: यज्ञ की विधियां और नियम
Explanation: ब्राह्मण ग्रंथ वेदों के साथ जुड़े हुए व्याख्यात्मक ग्रंथ हैं, जिनमें यज्ञ और अनुष्ठानों की विस्तृत विधियां और नियम बताए गए हैं। इनका उद्देश्य वेदों में दिए गए मंत्रों के सही प्रयोग और उनके अर्थ को स्पष्ट करना था। ब्राह्मण ग्रंथों में यज्ञों के प्रकार, यज्ञ करने के समय, स्थान, सामग्री और प्रक्रिया का विस्तृत विवरण दिया गया है। ये ग्रंथ वैदिक काल के धार्मिक जीवन का महत्वपूर्ण अंग थे और इनमें पुरोहित वर्ग का विशेष महत्व था। इसके माध्यम से धार्मिक कर्मकांडों का स्वरूप और सामाजिक व्यवस्था भी स्पष्ट होती है। ब्राह्मण ग्रंथ यह बताते हैं कि यज्ञ केवल धार्मिक कृत्य नहीं था, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण था, क्योंकि इससे समुदाय में एकता और सहयोग की भावना उत्पन्न होती थी।
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Answer: घरेलू जीवन और चिकित्साExplanation: अथर्ववेद अन्य वेदों से अलग है क्योंकि इसमें घरेलू जीवन, चिकित्सा और तंत्र-मंत्र से जुड़े... और देखें
Answer: देवताओं की स्तुतिExplanation: ऋग्वेद का मुख्य विषय देवताओं की स्तुति है। इसमें लगभग 1028 सूक्त हैं, जो विभिन्न देवताओं... और देखें
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