महावीर स्वामी को ‘निर्ग्रंथ’ क्यों कहा जाता था?

Answer: वस्त्र त्याग करने के कारण

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Explanation: महावीर स्वामी को 'निर्ग्रंथ' इसलिए कहा जाता था क्योंकि उन्होंने वस्त्र और भौतिक वस्तुएँ त्याग दी थीं। वे पूर्णतः नग्न होकर तपस्या करते थे, जिससे उनका जीवन किसी भी प्रकार के बंधन से मुक्त था। 'निर्ग्रंथ' का अर्थ है—गांठ या बंधन रहित व्यक्ति। यह नाम उनकी तपस्या और त्याग का प्रतीक है।

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