जैन धर्म में sallekhana क्या है?

Answer: स्वेच्छा से उपवास द्वारा मृत्यु

Advertisements

Explanation: सल्लेखना जैन धर्म में एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे भोजन और पानी का त्याग कर मृत्यु को प्राप्त करता है। यह जीवन के अंत में मोह, कर्म और आसक्ति को समाप्त करने का तरीका माना जाता है। इसे अत्यंत शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक प्रक्रिया माना जाता है।

Suggested Answers

जैन धर्म में लंघन का क्या अर्थ है?

Answer: उपवासExplanation: जैन धर्म में लंघन का अर्थ है उपवास या भोजन का त्याग। यह शरीर और मन की शुद्धि... और देखें

जैन धर्म के प्रमुख ग्रंथ कौन-कौन से हैं?

Answer: आगम ग्रंथExplanation: जैन धर्म के प्रमुख ग्रंथ आगम कहलाते हैं। ये तीर्थंकरों और आचार्यों के उपदेशों का संकलन हैं।... और देखें

जैन धर्म का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Answer: मोक्ष प्राप्तिExplanation: जैन धर्म का मुख्य उद्देश्य आत्मा को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कर मोक्ष प्राप्त कराना है।... और देखें

Advertisements
जैन धर्म में उपाध्याय कौन होते हैं?

Answer: धार्मिक शिक्षा देने वालेExplanation: उपाध्याय वे साधु होते हैं जो जैन ग्रंथों का अध्ययन और अध्यापन करते हैं। वे... और देखें

जैन धर्म में साधु और साध्वी का जीवन कैसा होता है?

Answer: त्याग और संयमपूर्णExplanation: जैन साधु और साध्वी सांसारिक जीवन त्यागकर पूर्ण संयम, ब्रह्मचर्य और तप का पालन करते हैं।... और देखें

जैन धर्म में अणुव्रत क्या हैं?

Answer: गृहस्थों के लिए छोटे व्रतExplanation: अणुव्रत वे छोटे व्रत हैं जिन्हें जैन गृहस्थ पालन करते हैं। इनमें पंच महाव्रतों... और देखें

जैन धर्म में श्वेतांबर संप्रदाय का क्या अर्थ है?

Answer: सफेद वस्त्र धारण करने वालेExplanation: श्वेतांबर संप्रदाय जैन धर्म का दूसरा प्रमुख मत है जिसमें साधु-साध्वियाँ सफेद वस्त्र धारण... और देखें

Advertisements

Leave a Comment