Answer: जन्म-मृत्यु से मुक्ति
Explanation: जैन धर्म में मोक्ष का अर्थ है आत्मा का जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर परम शुद्ध अवस्था में पहुँच जाना। मोक्ष प्राप्त करने के लिए सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक आचार का पालन आवश्यक है। मोक्ष प्राप्त आत्मा सिद्दशिला में रहती है और पुनः संसार में जन्म नहीं लेती।
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Answer: उपवासExplanation: जैन धर्म में लंघन का अर्थ है उपवास या भोजन का त्याग। यह शरीर और मन की शुद्धि... और देखें
Answer: आगम ग्रंथExplanation: जैन धर्म के प्रमुख ग्रंथ आगम कहलाते हैं। ये तीर्थंकरों और आचार्यों के उपदेशों का संकलन हैं।... और देखें
Answer: मोक्ष प्राप्तिExplanation: जैन धर्म का मुख्य उद्देश्य आत्मा को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कर मोक्ष प्राप्त कराना है।... और देखें
Answer: स्वेच्छा से उपवास द्वारा मृत्युExplanation: सल्लेखना जैन धर्म में एक धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें व्यक्ति धीरे-धीरे भोजन और पानी... और देखें
Answer: धार्मिक शिक्षा देने वालेExplanation: उपाध्याय वे साधु होते हैं जो जैन ग्रंथों का अध्ययन और अध्यापन करते हैं। वे... और देखें
Answer: त्याग और संयमपूर्णExplanation: जैन साधु और साध्वी सांसारिक जीवन त्यागकर पूर्ण संयम, ब्रह्मचर्य और तप का पालन करते हैं।... और देखें
Answer: गृहस्थों के लिए छोटे व्रतExplanation: अणुव्रत वे छोटे व्रत हैं जिन्हें जैन गृहस्थ पालन करते हैं। इनमें पंच महाव्रतों... और देखें