जैन धर्म में दिगंबर संप्रदाय का क्या अर्थ है?

Answer: वस्त्रहीन साधु

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Explanation: दिगंबर संप्रदाय जैन धर्म का एक प्रमुख मत है जिसमें साधु वस्त्र नहीं पहनते और पूर्ण नग्नता में कठोर तप का पालन करते हैं। 'दिगंबर' का अर्थ है 'दिक्' (दिशा) और 'अंबर' (वस्त्र), अर्थात आकाश को ही वस्त्र मानने वाले। इस संप्रदाय के अनुसार, वस्त्र त्याग से अहंकार और मोह समाप्त होता है।

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जैन धर्म में लंघन का क्या अर्थ है?

Answer: उपवासExplanation: जैन धर्म में लंघन का अर्थ है उपवास या भोजन का त्याग। यह शरीर और मन की शुद्धि... और देखें

जैन धर्म के प्रमुख ग्रंथ कौन-कौन से हैं?

Answer: आगम ग्रंथExplanation: जैन धर्म के प्रमुख ग्रंथ आगम कहलाते हैं। ये तीर्थंकरों और आचार्यों के उपदेशों का संकलन हैं।... और देखें

जैन धर्म का मुख्य उद्देश्य क्या है?

Answer: मोक्ष प्राप्तिExplanation: जैन धर्म का मुख्य उद्देश्य आत्मा को जन्म-मरण के चक्र से मुक्त कर मोक्ष प्राप्त कराना है।... और देखें

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जैन धर्म में sallekhana क्या है?

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जैन धर्म में उपाध्याय कौन होते हैं?

Answer: धार्मिक शिक्षा देने वालेExplanation: उपाध्याय वे साधु होते हैं जो जैन ग्रंथों का अध्ययन और अध्यापन करते हैं। वे... और देखें

जैन धर्म में साधु और साध्वी का जीवन कैसा होता है?

Answer: त्याग और संयमपूर्णExplanation: जैन साधु और साध्वी सांसारिक जीवन त्यागकर पूर्ण संयम, ब्रह्मचर्य और तप का पालन करते हैं।... और देखें

जैन धर्म में अणुव्रत क्या हैं?

Answer: गृहस्थों के लिए छोटे व्रतExplanation: अणुव्रत वे छोटे व्रत हैं जिन्हें जैन गृहस्थ पालन करते हैं। इनमें पंच महाव्रतों... और देखें

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