Answer: खगोलशास्त्र
Explanation: गुप्त काल में खगोलशास्त्र में अद्वितीय प्रगति हुई। आर्यभट और वराहमिहिर जैसे विद्वानों ने ग्रहों की गति, सूर्य और चंद्र ग्रहण की वैज्ञानिक व्याख्या की। उन्होंने पंचांग और ज्योतिषीय गणनाओं को सटीक बनाया, जिसका प्रभाव आज भी देखा जा सकता है।
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Answer: स्वर्ण मुद्राएँExplanation: गुप्त काल के सिक्के मुख्यतः स्वर्ण के बने होते थे, जिन पर शासकों की छवियाँ और धार्मिक... और देखें
Answer: हूण आक्रमणExplanation: गुप्त साम्राज्य के पतन का प्रमुख कारण हूणों का आक्रमण था, जिसने साम्राज्य की शक्ति को कमजोर... और देखें
Answer: अजंता की गुफाएँExplanation: गुप्त काल में अजंता की गुफाओं की चित्रकला और मूर्तिकला अपने उच्चतम स्तर पर पहुँची। यहाँ... और देखें
Answer: हिन्दू धर्म और बौद्ध धर्मExplanation: गुप्त काल में मुख्यतः हिन्दू धर्म का प्रभाव था, लेकिन बौद्ध धर्म और जैन... और देखें
Answer: कालिदासExplanation: गुप्त काल के प्रमुख साहित्यकार कालिदास थे, जिन्हें संस्कृत साहित्य का महान कवि और नाटककार माना जाता है।... और देखें
Answer: आर्यभटExplanation: गुप्त काल में महान गणितज्ञ और खगोलशास्त्री आर्यभट ने शून्य की अवधारणा को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।... और देखें
Answer: चंद्रगुप्त द्वितीयExplanation: गुप्त साम्राज्य का स्वर्ण युग मुख्यतः चंद्रगुप्त द्वितीय के शासनकाल (375–415 ईस्वी) में आया। उनके शासन में... और देखें