Answer: घरेलू जीवन और चिकित्सा
Explanation: अथर्ववेद अन्य वेदों से अलग है क्योंकि इसमें घरेलू जीवन, चिकित्सा और तंत्र-मंत्र से जुड़े मंत्र हैं। इसमें रोग निवारण के लिए औषधियों और मंत्रों का उल्लेख मिलता है। साथ ही इसमें विवाह, संतान प्राप्ति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और गृहस्थ जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े मंत्र भी हैं। अथर्ववेद समाज के सामान्य जीवन को दर्शाता है और इसमें धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा लोक आस्था और परंपराओं का भी चित्रण मिलता है। इसमें जादू-टोना, बुरी आत्माओं से बचाव और सौभाग्य लाने वाले मंत्र भी शामिल हैं। अथर्ववेद को कभी-कभी 'गृहस्थ वेद' भी कहा जाता है क्योंकि यह साधारण लोगों के दैनिक जीवन से गहराई से जुड़ा है। इसका रचना काल लगभग 1200 ईसा पूर्व माना जाता है।
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