अथर्ववेद का महत्व क्या है?

Answer: घरेलू जीवन और चिकित्सा

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Explanation: अथर्ववेद अन्य वेदों से अलग है क्योंकि इसमें घरेलू जीवन, चिकित्सा और तंत्र-मंत्र से जुड़े मंत्र हैं। इसमें रोग निवारण के लिए औषधियों और मंत्रों का उल्लेख मिलता है। साथ ही इसमें विवाह, संतान प्राप्ति, खेती-बाड़ी, पशुपालन और गृहस्थ जीवन के विभिन्न पहलुओं से जुड़े मंत्र भी हैं। अथर्ववेद समाज के सामान्य जीवन को दर्शाता है और इसमें धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा लोक आस्था और परंपराओं का भी चित्रण मिलता है। इसमें जादू-टोना, बुरी आत्माओं से बचाव और सौभाग्य लाने वाले मंत्र भी शामिल हैं। अथर्ववेद को कभी-कभी 'गृहस्थ वेद' भी कहा जाता है क्योंकि यह साधारण लोगों के दैनिक जीवन से गहराई से जुड़ा है। इसका रचना काल लगभग 1200 ईसा पूर्व माना जाता है।

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वैदिक काल में समाज का स्वरूप कैसा था?

Answer: पितृसत्तात्मक और जाति आधारितExplanation: वैदिक काल का समाज पितृसत्तात्मक था, जिसमें परिवार का मुखिया पुरुष होता था। समाज का... और देखें

वेद काल में ब्राह्मण ग्रंथों की भूमिका क्या थी?

Answer: यज्ञ की विधियां और नियमExplanation: ब्राह्मण ग्रंथ वेदों के साथ जुड़े हुए व्याख्यात्मक ग्रंथ हैं, जिनमें यज्ञ और अनुष्ठानों... और देखें

ऋग्वेद का मुख्य विषय क्या है?

Answer: देवताओं की स्तुतिExplanation: ऋग्वेद का मुख्य विषय देवताओं की स्तुति है। इसमें लगभग 1028 सूक्त हैं, जो विभिन्न देवताओं... और देखें

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वेद काल में कुल कितने वेद हैं?

Answer: चार वेदExplanation: वेद काल में कुल चार वेद हैं — ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। ऋग्वेद सबसे प्राचीन वेद... और देखें

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